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MCD का एकीकरण

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तीनों दिल्ली नगर निगमों को पर्याप्त फंड की जरुरत है, एकीकरण की नही। – चौ0 अनिल कुमार

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नरेंद्र मोदी सरकार को तीनों निगमों के एकीकरण के साथ नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) का भी निगमों में विलय कर देना चाहिए। – चौ0 अनिल कुमार

MCD का एकीकरण

नई दिल्ली : (अर्श न्यूज़) – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि तीनों दिल्ली नगर निगमों को पर्याप्त फंड की जरुरत है, एकीकरण की नही। उपराज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर चुनाव कराने घोषणा के वक्त पर निगम चुनावों रद्द कराने की घोषणा कर दी जिसके भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि निगमों के एकीकरण के लिए यह बहाना कि आर्थिक संकट सुधारने, नुकसान को पूरा करने और व्यवस्थित प्रशासन चलाने के लिए निगमों को एक किया जा रहा है, पूरी तरह से दिल्लीवासियों के साथ धोखा है, जबकि सच्चाई यह है कि अपनी हार के डर से आपसी मिलीभगत करके दोनो पार्टियों ने आपस में समाजस्य स्थापित करके निगम चुनाव रद्द करवाऐं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का विरोधाभास बयान इसको उजागर करता है।

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DPCC दिल्ली

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि तीनों निगमों में मौजूदा संकट स्वास्थ्य, सफाई, शिक्षा सहित कर्मचारियों के वेतन को राज्य और केन्द्र सरकार पर्याप्त फंड मुहैया कराकर खत्म कर सकती थीं। भाजपा और आम आदमी पार्टी ने मिलकर भ्रष्टाचार करके निगमों को कंगाल बना दिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल और भाजपा दिल्ली में अपना अस्तित्व बचाने और अपनी हार के डर से निगम चुनावों को रद्द करा दिया। उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार एक स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन निगमों का एकीकरण करके देना चाहती है तो नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) का भी तीनों निगमों के साथ विलय कर देना चाहिए ताकि दिल्लीवालां को एक निगम के तहत प्राथमिक और जन सुविधाऐं सुचारु रुप से मिल सकें।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि तीनों निगमों के एकीकरण के नाम पर भाजपा और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनावों को रद्द कराकर दिल्लीवासियों के साथ धोखा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल तीनों निगमों के एकीकरण के लिए झूठे आंसू बहा रहे है क्योंकि अगर वे चाहते तो दिल्ली सरकार द्वारा दिया जाने वाला फंड निगमां को समय पर देते, परंतु दिल्लीवासियों की सुविधाओं को नजरअंदाज करके फंड की 80 प्रतिशत राशि रोकी हुई है।

 

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि निगम में समस्या फंड का है, एकीकरण के फैसले से फंड की समस्या में मामूली सुधार हो सकता है, लेकिन सामाधान नहीं होगा। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष खुद इसका विरोध कर रहे है। वहीं, निगम के एकीकरण से जनता को प्रशासनिक समस्या झेलनी पड़ेंगी, बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए एकीकरण का फैसला गलत है। केंद्र सरकार को फंड की समस्या का स्थाई सामाधान लेकर आना चाहिए था। निगम चुनाव का जल्द से जल्द चुनाव कराना भी जरूरी है ताकि भ्रष्टाचार के जरिये निगम में जो लोग लूट कर रहे है, उनसे भी मुक्ति मिले। उन्होंने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी निगम चुनाव में मजबूत विकल्प पेश करेगी।

 

रिपोर्ट

संजय खान।

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