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केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे

केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहेकेजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे

अरविन्द केजरीवाल द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र सिर्फ अपने उपर जनता के दवाब और जवाबदेही को कम करने कोशिश के लिए बुलाया गया।- चौ0 अनिल कुमार

केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे, शराब घोटाले के मुख्य भ्रष्टाचारी सिसोदिया का जेल जाना तय है। – चौ0 अनिल कुमार

केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे

नई दिल्ली, 26 अगस्त, 2022 – (अर्श न्यूज़) –  दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली सरकार द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र सिर्फ अपने उपर जनता का दवाब और जवाबदेही को कम करने कोशिश के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई की एफआईआर में मनीष सिसोदिया का नाम पहली पंक्ति में है और जांच में उनके उपर आरोप साबित हो रहे है, केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे, शराब घोटाले के मुख्य भ्रष्टाचारी सिसोदिया का जेल जाना तय है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े विषयों और सरकारी विषयों के लिए विधानसभा के पटल का प्रयोग करने की बजाय अपना बचाव और अपनी वाहवाही करना पटल का दुरुपयोग किस श्रेणी में आता है, यह भी बड़ा विषय है।

केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा का महिमामंडल भी दिल्ली की जनता देख रहे है कि सदन का वाकआउट करके भाजपा विधायक केजरीवाल को बचने का खुला मौका दे रहे है। यदि वास्तव में भाजपा केजरीवाल का विरोध कर रही है तो उनके विधायकों को सदन में रहकर शराब घोटाले पर चर्चा के लिए आवाज उठानी चाहिए चाहिए थी। शराब घोटाले पर भाजपा की लचर विरोध प्रवृति से केजरीवाल को झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने में ताकत मिल रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने अरविन्द केजरीवाल की नई शराब नीति का शुरु से ही विरोध किया है, जिसके कारण शराब नीति का भ्रष्टाचार दुनिया के सामने उजागर हो सका।

केजरीवाल सिसोदिया को कितना भी ईमानदार कहे

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि केजरीवाल होर्स ट्रेडिंग का आरोप तो लगा रहे है परंतु पटल पर रखे गए प्रस्ताव में इसकी कोई जानकारी नही रखना, दिल्ली की जनता के गुमराह करने वाला है। उन्होंने कहा कि नशे की राजधानी बनाने के बाद सिर्फ आठ महीने में नई आबकारी नीति को वापस लेना अपने आप में शराब पॉलिसी पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, जबकि केजरीवाल ने शीला दीक्षित सरकार की आबकारी नीति को यह कहकर बदला था कि इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व नुकसान की सच्चाई दिल्लीवालां के सामने है कि एक बोतल पर कांग्रेस सरकार की आबकारी नीति में 329.89 रुपये राजस्व मिलता था और नई आबकारी नीति में सिर्फ 8.32 रुपये राजस्व मिल रहा है। उसके बावजूद केजरीवाल कह रहे हैं कि नई आबकारी नीति से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, यदि नई पॉलिसी लाभकारी थी तो वापस क्यों ली गई?

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में दिल्ली की जनता को उम्मीद थी कि केजरीवाल सदन में शराब पॉलिसी पर सवाल और भ्रष्टाचार पर चर्चा होगी और जनता के भरोसे के लिए सवालों के जवाब सदन में केजरीवाल सरकार देगी, परंतु केजरीवाल सिसोदिया और जिन अन्य लोगों ने सदन बोले उन्होंने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के तारीफ और अपने बचाव के अलावा कुछ नही बोला। क्या जनता का पैसा बर्बाद करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाना सही है? उन्होंने कहा कि सिसोदिया द्वारा सीबीआई जांच को फर्जी बताने के बाद उनके अंदर का डर बाहर उजागर हो गया है। सदन में जनता को गुमराह करके भाषण देने से भ्रष्टाचार और आबकारी नीति में लागू करने में हुआ घोटाला छिप नही सकता, सबूत सामने है, सिसोदिया जल्द जेल में होंगे, इस बात को केजरीवाल अपने मुख से कह चुके हैं।

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