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आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाजआरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

लोकतंत्र को मजबूत करने और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए कांग्रेस ने जो सूचना का अधिकार देशवासियों को दिया, केजरीवाल भाजपा सरकारें इसे छीनने का काम कर रहे है।- अनिल भारद्वाज

केजरीवाल अपने मंत्रियों और विधायकों के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2022 : (अर्श न्यूज़) – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक श्री अनिल भारद्वाज ने आज आरटीआई दिवस के उपलक्ष में प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन देने का वादा करके सत्ता हासिल करने वाले, आरटीआई एक्टिविस्ट और परिवर्तन एनजीओ चलाने वाले अरविन्द केजरीवाल सरकार ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) की धज्जियां उड़ाने के चलते केन्द्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) श्री उदय माहूरकर ने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दावा किया है कि दिल्ली सरकार के लोक निर्माण, राजस्व, स्वास्थ्य, बिजली, डीएसआईआईडीसी समेत विभिन्न विभागों ने आरटीआई कानून 2005 के तहत सिद्धांतों एवं जवाबदेही के प्रति अवज्ञा व अनदेखी दिखाई है, जिसकी जवाबदेही पूरी तरह से प्रवासी मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की बनती है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के विभागों द्वारा आरटीआई की जानकारी देने के संबध में दिल्ली के मुख्य सचिव को अधिकारिक रुप से लिख है। संवाददाता सम्मेलन में कम्युनिकेशन कमेटी के वाईस चेयरमैन परवेज आलम और अनुज आत्रेय मौजूद थे।

आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

श्री अनिल भारद्वाज ने बताया कि लोकतंत्र को मजबूत करने और जनप्रतिनिधियों और सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए कांग्रेस की यूपीए सरकार ने देशवासियों को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था देने के लिए 2005 में आज के दिन 12 अक्टूबर को आर.टी.आई. एक्ट को कानून बनाकर देश में लागू किया था। 2019 में सूचना के अधिकार में संशोधन के तहत मोदी सरकार ने इसे कमजोर करने का प्रयास किया था।  आज आर.टी.आई. दिवस है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने आरटीआई कानून को दिल्ली में 2001 लागू किया था, इस कानून को राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली सहित 9 राज्यों ने पहले लागू किया था।

आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

श्री भारद्वाज ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देने का दावा करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने आरटीआई कानून की धज्जियां उड़ा दी है और सरकार का प्रत्येक विभाग आरटीआई के अधिकृत पूरी जानकारी मुहैया कराने में रोक लगा रहे है या अपीलकर्ता को वैध जानकारी देने से पूरी तरह असमर्थता दिखा रहे है या गलत और आधी अधूरी सूचना दे रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने आर.टी.आई. का गला घोट दिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार मुद्दों का निपटान करने की जगह ध्यान भटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के विभागों में 1,16,047 मामलों आरटीआई लगाई गई, यह रिकॉर्ड दिल्ली सरकार में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

श्री अनिल भारद्वाज ने कहा कि आरटीआई दिवस पर कांग्रेस पूछना चाहती है कि दिल्ली सरकार आखिर जानकारी देने को क्यां छिपा रही है, क्या दिल्ली सरकार की जवाबदेही जनता के प्रति नही है, जो आरटीआई अपीलकर्ता को पूरी जानकारी नही दी जा रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार दुनिया की सबसे भ्रष्ट सरकार है। जिसके कैबिनेट के लगभग सभी मंत्री भ्रष्टाचार में शामिल है और आधे से अधिक विधायकों पर 100 से अधिक भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी केजरीवाल सरकार सूचना को छुपाकर अपने मंत्रियों और विधायकों द्वारा किए भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास कर रही है।

श्री भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आरटीआई के तहत सूचना नही देने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने अन्य स्रोतों के द्वारा केजरीवाल सरकार के तमाम भ्रष्टाचारों का खुलासा किया, जिनमें शराब घोटाला, बस घोटाला, शौचालय घोटाला, सीसीटीवी, विज्ञापन घोटाला इत्यादि शामिल है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के हालात गंभीर है, और जिस जनलोकपाल को लाने का वायदा अरविन्द केजरीवाल ने किया उसे 3 बार सत्ता में आने के बावजूद 2022 तक लागू नही किया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जो केजरीवाल सरकार कर रही है वह गलत है और जो केजरीवाल सरकार आरटीआई की अपीलों को निरस्त कर रही है, दिल्ली कांग्रेस पूछना चाहती है कि आरटीआई अपीलों को किन आधारों पर निरस्त किया जा रहा है। क्या केजरीवाल के निर्देशानुसार यह सब हो रहा है क्योंकि सरकार के प्रत्येक विभाग में हुए भ्रष्टाचार के लिए उनके विधायक और मंत्री कहीं न कहीं जिम्मेदार है।

टॉमेटो फ्लू के प्रसार में रोक लगाने को सरकार लापरवाह, बच्चों में बीमारी के गंभीर लक्षण। – अनिल भारद्वाज

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन श्री अनिल भारद्वाज ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल की असंवेदनशीलता के चलते राजधानी दिल्ली में एक के बाद एक कोई न कोई बीमारी लगातार दिल्ली वासियों के लिए खतरा बनी हुई है। दिल्ली में 12 वर्ष तक के बच्चों में टॉमेटों फ्लू से ग्रसित हो रहे है, इसका संक्रमित बीमारी के रुप में प्रसार बढ़ रहा है, जिसके कारण बच्चे स्कूल नही जा पा रहे है, जबकि कोविड से बच्चों की पढ़ाई लम्बे समय तक प्रभावित हुई थी। स्कूल नही जाने पर अभिभावक चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि टॉमेटो फ्लू के प्रति केजरीवाल सरकार कितनी गंभीर है वह इससे पता चलता है कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को एडवाईजरी जारी करने के बावजूद दिल्ली सरकार ने अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नही की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में तेजी से बढ़ते डेंगू के मामले दिल्लीवालों को डरा रहे है।

श्री भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है कि केजरीवाल सरकार टॉमेटो फ्लू पर तुरंत एडवाईजरी जारी करके अस्पतालों को विशेष निर्देश दे और इस बुखार के लक्षण वाले मरीजों को तुरंत भर्ती करके इलाज किया जाए। उन्होंने कहा कि टॉमेटो फ्लू में तापमान वृद्धि, शरीर के हिस्सों में छाले होना और चकते पड़ना, गंभीरं जोड़ो में दर्द वाले लक्षण है यह लक्षण चिकनगुनिया और डेंगू के समान जैसे भी हो सकते है। दिल्ली सरकार डेंगू की भांति टॉमेटो फ्लू को गंभीरता से ले ताकि 12 वर्ष तक बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।

श्री भारद्वाज ने दिल्लीवासियों से अपील की कि टोमेटो फ्लू की रोकथाम के लिए अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा दूषित बच्चों को स्वस्थ बच्चों से दूर रखें और खाना, खिलौने व कोई भी वस्तु साझा न करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करके दिल्ली में टोमेटो फ्लू पर रोक लगाई जा सकती है।

आरटीआई एक्ट को छिन्न-भिन्न करना चाहते है।- अनिल भारद्वाज

रिपोर्ट

संजय खान

एडिटर इन चीफ

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